अक्टूबर–नवंबर

दीपावली

प्रकाश का पर्व — लक्ष्मी पूजा, स्वच्छ घर और राम की अयोध्या वापसी।

दीपावली अंधकार पर प्रकाश की विजय का पर्व है। परिवार घर साफ-सजाते हैं, संध्या में दीप जलाते हैं, और माँ लक्ष्मी को मिष्ठान्न, सिक्के और आरती से आमंत्रित करते हैं।

बहुत से भक्त चौदह वर्ष के वनवास के बाद राम की अयोध्या वापसी भी स्मरण करते हैं। दीपों की ज्योति समृद्धि, स्पष्टता और एकता की प्रार्थना बन जाती है।

सरल लक्ष्मी पूजा, लक्ष्मी आरती और पड़ोसियों से प्रसाद बाँटना पर्व को केवल शोर नहीं, भक्ति में रखता है।

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इस त्योहार के लिए पाठ

देवी लक्ष्मी की मूर्ति
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लक्ष्मी आरती — ॐ जय लक्ष्मी माता

माता लक्ष्मी की स्तुति में गाई जाने वाली प्रिय आरती, धन, समृद्धि और शुभ आशीर्वाद की दाता।

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lakshmi की मूर्ति
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लक्ष्मी चालीसा

Maa Lakshmi Chalisa: मातु लक्ष्मी करि कृपा करो हृदय में वास। मनोकामना सिद्ध कर पुरवहु मेरी आस॥

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माँ लक्ष्मी की मूर्ति
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लक्ष्मी पूजा विधि — सरल गृह पूजा

शुक्रवार, दीपावली या दैनिक समृद्धि पूजा हेतु घर पर लक्ष्मी पूजा की चरणबद्ध विधि।

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दीपावली पूजा हेतु माँ लक्ष्मी
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दीपावली लक्ष्मी पूजा विधि — पर्व रात्रि गाइड

घर हेतु व्यावहारिक दीपावली रात्रि लक्ष्मी–गणेश पूजा: सफाई, मुहूर्त अर्पण, आरती और परिवार के साथ प्रकाश बाँटना।

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माँ लक्ष्मी
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लक्ष्मी और दीपों की रात्रि — दीपावली कथा

दीपावली पर लक्ष्मी स्वच्छ-प्रकाशित घरों में क्यों आती हैं — और लोभ नहीं, कृतज्ञता स्थायी समृद्धि कैसे बुलाती है।

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भगवान विष्णु की मूर्ति
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सत्यनारायण पूजा विधि — गृह कथा अनुष्ठान

सत्यनारायण पूजा की स्पष्ट गृह विधि — संकल्प, अर्पण, कथा श्रवण और व्रत-उत्सव हेतु प्रसाद वितरण।

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