रामचरितमानस
गोस्वामी तुलसीदास के मूल पद, काण्ड-दर-काण्ड पढ़ें।
बालकाण्ड से आरंभ करें, या कोई भी काण्ड खोलें। कोई निश्चित गति नहीं — श्रद्धा से कुछ पद भी पर्याप्त हैं।
सोपान 1
बालकाण्ड
मंगलाचरण, राम अवतार, बाललीला, और सीता-राम विवाह।
52 प्रकरणसोपान 2
अयोध्याकाण्ड
राम वनवास, दशरथ वियोग, और चित्रकूट में भरत की भक्ति।
48 प्रकरणसोपान 3
अरण्यकाण्ड
वनवास, पंचवटी, सीता हरण, और शबरी पर कृपा।
15 प्रकरणसोपान 4
किष्किन्धाकाण्ड
सुग्रीव मैत्री, बालि उद्धार, और सीता की खोज।
12 प्रकरणसोपान 5
सुन्दरकाण्ड
हनुमान का लंका गमन, सीता दर्शन, और लंका दहन।
16 प्रकरणसोपान 6
लंकाकाण्ड
लंका युद्ध, रावण वध, और सीता-राम मिलन।
28 प्रकरणसोपान 7
उत्तरकाण्ड
अयोध्या आगमन, रामराज्य, और रामायण माहात्म्य।
22 प्रकरण