सितंबर–अक्टूबर
नवरात्रि
माँ दुर्गा की भक्ति के नौ रात्रियाँ — व्रत, आरती और शक्ति का उत्सव।
नवरात्रि नौ रात्रियों में आदिशक्ति माँ दुर्गा की आराधना का पर्व है। प्रत्येक दिन दुर्गा के एक स्वरूप से जुड़ा माना जाता है; घरों में दीप, आरती और जागरण की लहर रहती है।
भक्त सात्विक व्रत रखते हैं, वेदी स्वच्छ रखते हैं, और फूल-फल-खीर अर्पित करते हैं। प्रतिदिन दुर्गा चालीसा या दुर्गा आरती से मन स्थिर रहता है।
शरद हो या चैत्र नवरात्रि — सार एक ही है: दिखावे नहीं, सच्ची श्रद्धा से शक्ति को जीवन में आमंत्रित करना।
इस त्योहार के लिए पाठ

दुर्गा आरती — जय अम्बे गौरी
देवी अम्बे गौरी की स्तुति में क्लासिक दुर्गा आरती, दुष्टों का संहार करने वाली और आशीर्वाद देने वाली दिव्य माता।
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दुर्गा चालीसा
श्री दुर्गा चालीसा पाठ (Durga Chalisa): नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥
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दुर्गा मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु मातृ-रूपेण संस्थिता। , सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सवार्थ साधिके, ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे, ॐ शं शैलपुत्री देव्यै: नम:।
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दुर्गा पूजा विधि — माँ की गृह आराधना
नवरात्रि या जब भी माँ की रक्षा और शक्ति चाहें — दुर्गा पूजा की चरणबद्ध गृह विधि।
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