dhanvantari · aarti

धन्वंतरी आरती

श्री भगवान धन्वंतरि आरती (Shri Dhanwantari Aarti)- जय धन्वंतरि देवा, जय धन्वंतरि जी देवा। जरा-रोग से पीड़ित, जन-जन सुख देवा।।जय..।।

धन्वंतरी, आयुर्वेद के देवता
चित्र: विकिमीडिया कॉमन्स (धन्वंतरी)

धन्वंतरी आरती को अपनी दैनिक पूजा का हिस्सा बनाकर श्रद्धा से पाठें।

दीप जलाकर श्रद्धा से देवता के समक्ष यह आरती गाएँ।

आरती के बोल

जय धन्वंतरि देवा, जय धन्वंतरि जी देवा।

जरा-रोग से पीड़ित, जन-जन सुख देवा।।जय..।।

तुम समुद्र से निकले, अमृत कलश लिए।

जरा-रोग से पीड़ित, जन-जन सुख देवा।।जय..।।

जय धन्वंतरि देवा, जय धन्वंतरि जी देवा।आयुर्वेद बनाया, जग में फैलाया।

भुजा चार अति सुंदर, शंख सुधा धारी।

तुम को जो नित ध्यावे, रोग नहीं आवे।

हाथ जोड़कर प्रभुजी, दास खड़ा तेरा।

धन्वंतरिजी की आरती जो कोई नर गावे।

संबंधित लेख

बृहस्पति, देवगुरु
brihaspatiaarti

बृहस्पति देव आरती

Brihaspati-Dev-Aarti (बृहस्पति देव की आरती)- Brihaspati Dev Aarti in Hindi 'Om Jai Brihaspati Deva': ॐ जय बृहस्पति देवा, जय बृहस्पति देवा

और पढ़ें
देवी गायत्री
gayatriaarti

गायत्री आरती

Gayatri Mata Aarti | गायत्री माता आरती - आरती श्री गायत्री जी की ज्ञान दीप और श्रद्धा की बाती । सो भक्ति ही पूर्ती करै जहं घी की ॥

और पढ़ें
झूलेलाल, सिंधी संत
jhulelalaarti

झूलेलाल आरती

shri Jhulelal Aarti (झुलेलाल आरती)- ॐ जय दूलह देवा, साईं जय दूलह देवा । पूजा कनि था प्रेमी, सिदुक रखी सेवा ॥

और पढ़ें
धन के देवता कुबेर
kuberaarti

कुबेर आरती

श्री कुबेर जी आरती (Shri Kuber Ji Aarti)- ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे , स्वामी जै यक्ष जै यक्ष कुबेर हरे। शरण पड़े भगतों के, भण्डार कुबेर भरे॥ ऊँ..॥

और पढ़ें
नवग्रह मंदिर
navagrahaaarti

नवग्रह आरती

shree Navgrah Aarti (नवग्रह आरती)- आरती श्री नवग्रहों की कीजै । बाध, कष्ट, रोग, हर लीजै ।।

और पढ़ें
देवी पार्वती गणेश और शिव के साथ
parvatiaarti

पार्वती आरती

Parvati Aarti (पार्वती आरती)- जय पार्वती माता ,जय पार्वती माता । ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल की दाता ॥ॐ..॥

और पढ़ें
शirdi के साईं बाबा
saiaarti

साईं आरती

Sai baba aarti (श्री साईं बाबा की आरती) : आरती श्री साई गुरुवर की, परमानन्द सदा सुरवर की ।जाके कृपा विपुल सुखकारी ,दुःख-शोक, संकट भयहारी ॥

और पढ़ें