मुख्य सामग्री पर जाएँ

krishna · puja-vidhi

भगवद्गीता पाठ विधि — घर पर कैसे पढ़ें

शांत गीता बैठक के नियम: लकड़ी की चौकी, पूरे अध्याय, व्यर्थ बात नहीं, और अंतिम श्लोक के बाद आरती।

समय: 30–90 मिनट

पूजा वेदी का चित्र
चित्र: विकिमीडिया कॉमन्स

गीता कर्तव्य और आत्मा की संवाद-कथा है। ब्रह्म मुहूर्त प्रिय है। धुले हाथों से ग्रंथ छुएँ। जो अध्याय शुरू करें, उसे पूरा करें।

सामग्री

  • लाल या पीले वस्त्र में लपेटी गीता
  • लकड़ी की चौकी, ऊन या कंबल का आसन
  • स्वच्छ जल, रोली, अक्षत और फूल
  • धूप, घी या तेल दीप, कपूर और घंटी
व्हाट्सऐपटेलीग्राम

पूजा के चरण

  1. 1

    आसन सजाएँ

    निर्धारित आसन पर बैठें। गीता लकड़ी पर रखें, भूमि पर नहीं, और लंबे पाठ में केवल हाथ में न पकड़े रहें।

  2. 2

    गणेश और कृष्ण का स्मरण

    गणेश और कृष्ण को संक्षिप्त नमस्कार बैठक खोलता है। अध्याय समाप्त होने तक अन्न और अनर्गल बात दूर रखें।

  3. 3

    पूर्ण अध्याय पढ़ें

    अध्याय अधूरा न छोड़ें। थकान हो तो जल्दबाजी में तोड़ने से बेहतर है अगले दिन छोटा अध्याय चुनना।

  4. 4

    प्रणाम और आरती से समापन

    ग्रंथ माथे से लगाएँ, गाते हों तो कृष्ण आरती करें, गीता पुनः लपेटें।

व्हाट्सऐपटेलीग्राम

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या प्रत्येक अध्याय का माहात्म्य अनिवार्य है?
समय हो तो शुभ है। श्लोक स्वयं पाठ के हृदय हैं।

आज का पंचांग

इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।

पंचांग गणना हो रही है…

संबंधित लेख

कृष्ण मंदिर की मूर्ति
krishnaaarti

कृष्ण आरती — आरती कुंजबिहारी की

वृंदावन में भगवान कृष्ण के दिव्य स्वरूप का वर्णन करने वाली प्रिय कुंजबिहारी आरती।

और पढ़ें
krishna की मूर्ति
krishnachalisa

कृष्ण चालीसा

Shri krishna Chalisa (श्री कृष्णा चालीसा) बंशी शोभित कर मधुर । नील जलद तन श्याम। अरुण अधर जनु बिम्बफल ।

और पढ़ें
krishna की मूर्ति
krishnamantra

कृष्ण मंत्र

Krishna Mantra: ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने ।। प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः।।

और पढ़ें
भगवान विष्णु अपने प्रतीकों के साथ
vishnuaarti

विष्णु आरती

Shri Vishnu Aarti (श्री विष्णु आरती )- ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्तजनों के संकट, क्षण में दूर करे ॥ॐ..॥

और पढ़ें
पूजा वेदी का चित्र
krishnapuja-vidhi

कृष्ण जन्माष्टमी पूजा विधि — अर्धरात्रि गृह पूजा

भाद्रपद कृष्ण अष्टमी की विधि: दिन भर स्मरण, बाल गोपाल का पंचामृत अभिषेक, और निशीत काल में अर्धरात्रि आरती।

और पढ़ें
कृष्ण की मूर्ति
krishnabhajan

दर्शन दो घनश्याम नाथ — विरह भजन

प्रार्थना-भजन जो घनश्याम से मुखदर्शन और हृदय-दीप माँगता है — संध्या कीर्तन और जन्माष्टमी पर गाया जाता है।

और पढ़ें
कृष्ण की मूर्ति
krishnabhajan

गोविन्द जय-जय, गोपाल जय-जय — नाम कीर्तन

क्लासिक नाम-कीर्तन जो गोविन्द, गोपाल और देव-परिवार का जयघोष करता है — नित्य और जन्माष्टमी पर गाया जाता है।

और पढ़ें