मुख्य सामग्री पर जाएँ

vishnu · puja-vidhi

गुरुवार केले के वृक्ष की पूजा — विष्णु, लक्ष्मी और गुरु

गुरुवार को केले के वृक्ष पर जल और पूजा क्यों होती है, तथा विष्णु, लक्ष्मी और बृहस्पति के सम्मान की सरल विधि।

समय: 20–35 मिनट

पूजा वेदी का चित्र
चित्र: विकिमीडिया कॉमन्स

गुरुवार विष्णु और गुरु बृहस्पति का दिन है। कई घर केले के वृक्ष को उसी कृपा — और लक्ष्मी की उपस्थिति — का सजीव आसन मानते हैं। विधि कोमल है: जड़ में जल, एक धागा, और हरि का शांत नाम।

सामग्री

  • जीवित केले का पौधा, या वृक्ष न हो तो चित्र
  • पीला वस्त्र या मौली, केले और थोड़ा कच्चा चावल
  • स्वच्छ जल, रोली, अक्षत और फूल
  • धूप, घी या तेल दीप, कपूर और घंटी
व्हाट्सऐपटेलीग्राम

पूजा के चरण

  1. 1

    जड़ स्वच्छ करें

    गुरुवार प्रातः स्नान के बाद पौधे के आसपास की घास हटाएँ। सकें तो पूर्व मुख रहें। तने को घायल न करें।

  2. 2

    जल और धागा

    जड़ में जल अर्पित करें। रीति हो तो मौली ढीली बाँधें। रोली-अक्षत और पुष्प रखें। विष्णु, लक्ष्मी और गुरु का साथ स्मरण करें।

  3. 3

    जप और भोग

    ॐ नमो नारायणाय या गुरु मंत्र जपें। केला अर्पित करें। विवाह में विलंब की प्रार्थना हो तो व्रत कोमल रखें — क्रोध में सौदा न बोलें।

  4. 4

    घर की वेदी पर आरती

    घर आकर विष्णु आरती या बृहस्पति आरती करें। केला प्रसाद रूप में बाँटें।

मंत्र

ॐ नमो नारायणाय। ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः।

व्हाट्सऐपटेलीग्राम

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केले का वृक्ष पास न हो तो क्या व्रत छूटता है?
गुरुवार को घर की वेदी पर विष्णु और गुरु की पूजा करें। वृक्ष का चित्र पर्याप्त है। जबरन रोपण से अधिक जीवित पौधों के प्रति कोमलता मायने रखती है।

आज का पंचांग

इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।

पंचांग गणना हो रही है…

संबंधित लेख

भगवान विष्णु अपने प्रतीकों के साथ
vishnuaarti

विष्णु आरती

Shri Vishnu Aarti (श्री विष्णु आरती )- ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्तजनों के संकट, क्षण में दूर करे ॥ॐ..॥

और पढ़ें
भगवान विष्णु अपने प्रतीकों के साथ
vishnuchalisa

विष्णु चालीसा

श्री विष्णु चालीसा I Shree Vishnu Chalisa : विष्णु सुनिए विनय सेवक की चितलाय। कीरत कुछ वर्णन करूं दीजै ज्ञान बताय।।

और पढ़ें
भगवान विष्णु अपने प्रतीकों के साथ
vishnumantra

विष्णु मंत्र

Vishnu Mantra To Chant: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय, ॐ श्री परमात्मने नमः, ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः

और पढ़ें
देवी लक्ष्मी की मूर्ति
lakshmiaarti

लक्ष्मी आरती — ॐ जय लक्ष्मी माता

माता लक्ष्मी की स्तुति में गाई जाने वाली प्रिय आरती, धन, समृद्धि और शुभ आशीर्वाद की दाता।

और पढ़ें
बृहस्पति, देवगुरु
brihaspatiaarti

बृहस्पति देव आरती

Brihaspati-Dev-Aarti (बृहस्पति देव की आरती)- Brihaspati Dev Aarti in Hindi 'Om Jai Brihaspati Deva': ॐ जय बृहस्पति देवा, जय बृहस्पति देवा

और पढ़ें
गुरु बृहस्पति, देवगुरु
gurumantra

गुरु मंत्र

Guru Vandna | GURU BRAHMA GURU VISHNU GURU DEVO MAHESHWARA | गुरुर्ब्रह्मा ग्रुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः । गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः ॥

और पढ़ें
पूजा वेदी का चित्र
vishnupuja-vidhi

विष्णु पूजा विधि — गुरुवार गृह पूजा

विष्णु को प्रसन्न करने की गुरुवार विधि: तुलसी, पीला वस्त्र, सात्विक नैवेद्य और नारायण मंत्र।

और पढ़ें