ganesh · aarti

गणेश आरती — जय गणेश देवा

प्रतिदिन की पूजा और त्योहारों में गाई जाने वाली प्रिय गणेश आरती, विघ्नहर्ता की स्तुति।

मंदिर में गणेश की मूर्ति
चित्र: विकिमीडिया कॉमन्स (गणेश मूर्ति, कंठरमदम मंदिर)

गणेश आरती траitionally पूजा के आरंभ में की जाती है। दीप जलाएँ, पुष्प अर्पित करें, और श्रद्धा से गाएँ।

भगवान गणेश की मूर्ति या चित्र के समक्ष खड़े हों। जलते दीप के साथ आरती की थाली लें और गाते हुए वृत्ताकार घुमाएँ।

आरती के बोल

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा

माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा

एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी

माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी

पान चढ़े, फूल चढ़े, और चढ़े मेवा

लड्डुओं का भोग लगे, संत करें सेवा

अंधन को आँख देत, कोढ़िन को काया

बंझन को पुत्र देत, निर्धन को माया

सुरश्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा

माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गणेश आरती कब करनी चाहिए?
गणेश आरती आदर्शतः किसी भी पूजा की शुरुआत में, गणेश चaturthi पर, और प्रतिदिन की सुबह या शाम की पूजा में की जाती है।
आरती के लिए क्या सामग्री चाहिए?
आपको घी या तेल का दीप, कपूर, फूल, अगरबत्ती और घंटी चाहिए। इन सामग्रियों के लिए आरती की थाली उपयोगी है।

संबंधित लेख

बृहस्पति, देवगुरु
brihaspatiaarti

बृहस्पति देव आरती

Brihaspati-Dev-Aarti (बृहस्पति देव की आरती)- Brihaspati Dev Aarti in Hindi 'Om Jai Brihaspati Deva': ॐ जय बृहस्पति देवा, जय बृहस्पति देवा

और पढ़ें
धन्वंतरी, आयुर्वेद के देवता
dhanvantariaarti

धन्वंतरी आरती

श्री भगवान धन्वंतरि आरती (Shri Dhanwantari Aarti)- जय धन्वंतरि देवा, जय धन्वंतरि जी देवा। जरा-रोग से पीड़ित, जन-जन सुख देवा।।जय..।।

और पढ़ें
देवी गायत्री
gayatriaarti

गायत्री आरती

Gayatri Mata Aarti | गायत्री माता आरती - आरती श्री गायत्री जी की ज्ञान दीप और श्रद्धा की बाती । सो भक्ति ही पूर्ती करै जहं घी की ॥

और पढ़ें
झूलेलाल, सिंधी संत
jhulelalaarti

झूलेलाल आरती

shri Jhulelal Aarti (झुलेलाल आरती)- ॐ जय दूलह देवा, साईं जय दूलह देवा । पूजा कनि था प्रेमी, सिदुक रखी सेवा ॥

और पढ़ें
धन के देवता कुबेर
kuberaarti

कुबेर आरती

श्री कुबेर जी आरती (Shri Kuber Ji Aarti)- ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे , स्वामी जै यक्ष जै यक्ष कुबेर हरे। शरण पड़े भगतों के, भण्डार कुबेर भरे॥ ऊँ..॥

और पढ़ें
नवग्रह मंदिर
navagrahaaarti

नवग्रह आरती

shree Navgrah Aarti (नवग्रह आरती)- आरती श्री नवग्रहों की कीजै । बाध, कष्ट, रोग, हर लीजै ।।

और पढ़ें
देवी पार्वती गणेश और शिव के साथ
parvatiaarti

पार्वती आरती

Parvati Aarti (पार्वती आरती)- जय पार्वती माता ,जय पार्वती माता । ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल की दाता ॥ॐ..॥

और पढ़ें