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अक्टूबर–नवंबर

छठ पूजा

सूर्य और छठी मईया को चार दिनों का अर्घ्य — शुद्धि, तप और घाट का प्रकाश।

छठ अस्त और उगते सूर्य को समर्पित शुद्धि का व्रत है। नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य कोई तमाशा नहीं माँगते — जल में स्थिर सूप माँगते हैं।

नदी हो या छत का पात्र, अनुशासन एक है: सात्विक रसोई, कोमल वाणी, समय पर अर्घ्य।

आज का पंचांग

इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।

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इस त्योहार के लिए पाठ

पूजा वेदी का चित्र
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छठ पूजा विधि — सूर्य को चार दिनों का अर्घ्य

चार दिवसीय छठ गाइड: नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य — शुद्धि, सूप अर्पण, तथा घाट या छत का अनुशासन।

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देव चित्र
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छठ व्रत कथा — राजा प्रियव्रत और छठी मईया

निःसंतान राजा को षष्ठी देवी ने संतान कैसे दी — और कार्तिक शुक्ल षष्ठी सूर्य के चार दिवसीय अर्घ्य कैसे बनी।

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सूर्य देव, सूर्य देवता
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सूर्य आरती

Surya dev aarti lyrics in hindi: सूर्य देव की आरती। जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।त्रिभुवन-तिमिर-निकन्दन, भक्त-हृदय-चन्दन ॥

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सूर्य देव, सूर्य देवता
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सूर्य चालीसा

श्री सूर्य चालीसा: कनक बदन कुण्डल मकर, मुक्ता माला अङ्ग, पद्मासन स्थित ध्याइए, शंख चक्र के सङ्ग॥

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सूर्य देव, सूर्य देवता
suryamantra

सूर्य मंत्र

Surya Mantra: ऊँ आदित्याय विदमहे प्रभाकराय, ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, ऊँ हृीं श्रीं आं ग्रहधिराजाय आदित्याय नमः।

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देवी गायत्री
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गायत्री मंत्र

Gayatri Mantra: ऊं भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि। धियो यो न: प्रचोदयात् || oṃ bhūr bhuvaḥ svaḥ tat saviturvareṇyaṃ

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