मार्च–अप्रैल
हनुमान जयंती
हनुमान के जन्म का उत्सव — चालीसा, आरती और निडर भक्ति की कथाएँ।
हनुमान जयंती बजरंगबली के जन्म का पर्व है — शक्ति, विनम्रता और राम-सेवा का साकार रूप।
मंदिरों और घरों में हनुमान चालीसा, सिंदूर अर्पण और धूप की सुगंध गूंजती है। कई भक्त मंगलवार व्रत रखते हैं या सुंदरकाण्ड का पाठ करते हैं।
यह पर्व याद दिलाता है कि सच्ची शक्ति भक्ति में है — अहंकार रहित साहस और फल की इच्छा रहित सेवा।
इस त्योहार के लिए पाठ

हनुमान चालीसा
तुलसीदास द्वारा रचित हनुमान की स्तुति में चालीस छंद, साहस, रक्षा और भक्ति के लिए पाठित।
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हनुमान आरती — आरती कीजै हनुमान लला की
भगवान राम के परम भक्त, दुष्टदलन और रक्षक हनुमान की स्तुति में भक्तिपूर्ण आरती।
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हनुमान मंत्र
अतुलित बलधामं, हेमशैलाभदेहमं, ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, ॐ ऐं भ्रीम हनुमते..
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हनुमान पूजा विधि — मंगलवार गृह पूजा
साहस, रक्षा और भक्ति हेतु व्यावहारिक मंगलवार हनुमान पूजा — चालीसा, सिंदूर और आरती के साथ।
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सुंदरकाण्ड क्यों महत्वपूर्ण है — सागर पार आशा की कथा
सुंदरकाण्ड का आध्यात्मिक अर्थ — हनुमान की छलांग, सीता खोज और लंका दहन कैसे साहस, सेवा और राम में अटल विश्वास सिखाते हैं।
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हनुमान समुद्र पार करते हैं — लंका की ओर छलांग
हनुमान की समुद्र पार महाछलांग की कथा — सुरसा की परीक्षा, छाया राक्षसी, और सीता खोज का पहला चरण।
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