durga · puja-vidhi
चंडी पाठ और हवन विधि — अग्नि सहित दुर्गा सप्तशती
गृहस्थ हेतु चंडी पाठ-हवन रूपरेखा: शुद्धि, आवश्यकता पर पुरोहित सहयोग, अध्याय आहुतियाँ और दुर्गा आरती।
समय: हवन सहित 3–6 घंटे

चंडी पाठ दुर्गा सप्तशती का वाचन है। हवन के संग यह गंभीर व्रत है — प्रायः नवरात्रि या भारी विघ्न में। शुद्ध उच्चारण आवश्यक है; पूर्ण पाठ हो तो प्रशिक्षित वाचक बुलाएँ।
सामग्री
- दुर्गा सप्तशती ग्रंथ, लाल वस्त्र, लाल पुष्प
- हवन कुंड, घी, समिधा, तिल और कपूर
- स्वच्छ जल, रोली, अक्षत और फूल
- धूप, घी या तेल दीप, कपूर और घंटी
पूजा के चरण
- 1
शुद्धि और संकल्प
स्नान करें, लाल या हल्के वस्त्र पहनें, और किसी व्यक्ति के द्वेष बिना उद्देश्य कहें। गणेश और कलश से आरंभ करें।
- 2
पाठ
क्षमता और पुरोहित सलाह अनुसार कीलक, कवच, अर्गल और तेरह अध्याय पढ़ें। अक्षर गढ़ें नहीं।
- 3
हवन
पाठ के बाद निर्धारित मंत्रों पर घी आहुति दें। पूर्णाहुति, दुर्गा आरती और वाचकों को दक्षिणा से समाप्त करें।
मंत्र
ॐ दुं दुर्गायै नमः
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- क्या शुरुआती साधक प्रतिदिन संक्षिप्त चंडी पढ़ सकता है?
- मार्गदर्शन सहित दैनिक दुर्गा मंत्र, चालीसा, या एक अध्याय — जल्दबाज पूर्ण सप्तशती से सुरक्षित है।
आज का पंचांग
इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।
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