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शिक्षक दिवस पूजा विधि — गुरु का सम्मान
5 सितंबर को जीवित शिक्षक और गुरु-तत्त्व हेतु बैठक: पुस्तक, पीला वस्त्र, और गुरुर्ब्रह्मा श्लोक।
समय: 20–30 मिनट

भारत में शिक्षक दिवस डॉ. राधाकृष्णन का स्मरण है, और उनके पीछे यह पुरा सत्य कि गुरु पूज्य हैं। पुस्तक या शिक्षक का चित्र रखकर धन्यवाद अर्पित करें।
सामग्री
- शिक्षक का चित्र या पवित्र ग्रंथ (गीता, वेद अंश)
- पीला या श्वेत वस्त्र, फल और दीप
- स्वच्छ जल, रोली, अक्षत और फूल
- धूप, घी या तेल दीप, कपूर और घंटी
पूजा के चरण
- 1
ज्ञान विराजित करें
पीला या श्वेत वस्त्र बिछाएँ। ग्रंथ या चित्र रखें। पूर्व मुख बैठें।
- 2
अर्पण और पाठ
पुष्प, तिलक और दीप अर्पित करें। गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः पढ़ें। गुरु मंत्र जपें। किसी जीवित शिक्षक का नाम लेकर धन्यवाद दें।
- 3
सेवा का कर्म
पूजा संदेश, भेंट, या जरूरतमंद विद्यार्थी की सहायता से पूरी होती है — केवल फूलों से नहीं।
मंत्र
गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः। गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः॥
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- क्या यह गुरु पूर्णिमा के समान है?
- भाव सजातीय है; पंचांग भिन्न है। गुरु पूर्णिमा आषाढ़ की पूर्णिमा है। दोनों दिनों ये मंत्र चल सकते हैं।
आज का पंचांग
इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।
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