lakshmi · puja-vidhi
शुक्रवार लक्ष्मी और संतोषी माता पूजा विधि
गृह शुक्रवार व्रत: उषा स्नान, लक्ष्मी या संतोषी संकल्प, गुड़-चने का भोग, व्रत कथा और आरती।
समय: 30–45 मिनट

शुक्रवार लक्ष्मी का दिन है, और कई घरों में संतोषी माता का। व्रत संतोष का है: सरल उपवास, घी दीप, और शिकायत रहित वाणी।
सामग्री
- लक्ष्मी या संतोषी माता चित्र
- गुड़, भुने चने और घी दीप
- स्वच्छ जल, रोली, अक्षत और फूल
- धूप, घी या तेल दीप, कपूर और घंटी
पूजा के चरण
- 1
उषा संकल्प
सकें तो सूर्योदय से पहले उठें, स्नान करें, माँ के आगे शुक्रवार व्रत कहें। कुल नियम हो तो खट्टा और कटु वचन दूर रखें।
- 2
गुड़-चने का भोग
घी दीप जलाएँ। गुड़ और चना अर्पित करें — लोक प्रथा में दोनों माताओं को प्रिय। लक्ष्मी चालीसा या संतोषी चालीसा पढ़ें।
- 3
कथा और आरती
घर की शुक्रवार व्रत कथा पढ़ें। लक्ष्मी आरती करें। बैठक के बाद प्रसाद बाँटें।
मंत्र
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः। ॐ श्री संतोषी मात्रे नमः।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- क्या प्रत्येक शुक्रवार दोनों देवी पूजनीय हैं?
- जो माँ घर पहले से प्रेम करता है उसे चुनें। एक सच्ची वेदी पर्याप्त है।
आज का पंचांग
इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।
संबंधित लेख

संतोषी माता शुक्रवार कथा — बहू के सोलह शुक्रवार
प्रचलित शुक्रवार व्रत-कथा: गुड़-चना, उपेक्षित बहू, और वह संतोष जो खट्टी वाणी बिना पति लौटाता है।
और पढ़ें
लक्ष्मी आरती — ॐ जय लक्ष्मी माता
माता लक्ष्मी की स्तुति में गाई जाने वाली प्रिय आरती, धन, समृद्धि और शुभ आशीर्वाद की दाता।
और पढ़ें
लक्ष्मी चालीसा
Maa Lakshmi Chalisa: मातु लक्ष्मी करि कृपा करो हृदय में वास। मनोकामना सिद्ध कर पुरवहु मेरी आस॥
और पढ़ें
लक्ष्मी मंत्र
लक्ष्मी मंत्र ( Maa Laxmi Mantra)- ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नम: ।।
और पढ़ें
संतोषी माता चालीसा
Santoshi Mata Chalisa | Santoshi Mata Chalisa Lyrics in Hindi | Santoshi maa Chalisa | Santoshi Chalisa ka path | Sri Santoshi Mata Chalisa | श्री सन्तोषी माता चालीसा | संतोषी मां चालीसा बन्दौं सन्तोषी चरण रिद्धि-सिद्धि दातार । संतोषी माता चालीसा
और पढ़ें
संतोषी माता मंत्र
संतोषी माता मंत्र (Santoshi Mata Mantra)- ॐ श्री संतोषी महामाया गजानंदम दायिनी शुक्रवार प्रिये देवी नारायणी नमोस्तुते ।।
और पढ़ें
तुलसी पूजा विधि — पवित्र तुलसी की दैनिक और शुक्रवार आराधना
तुलसी पौधे की पूजा कैसे करें: जड़ में जल, परिक्रमा, दीप, और यह स्मरण कि बिना दल के विष्णु अर्पण अधूरा माना जाता है।
और पढ़ें