मुख्य सामग्री पर जाएँ

ganesh · stories

गणेश चतुर्थी व्रत कथा — पार्वती के इक्कीस दिन

शिव ने चतुर्थी व्रत कैसे सिखाया, और पार्वती ने दूर्वा-पुष्प-लड्डू के इक्कीस दिन कैसे रखे जब तक कार्तिकेय लौटे।

देव चित्र
चित्र: विकिमीडिया कॉमन्स

गणेश की वार्षिक स्थापना जन्म-पर्व है। यह कथा पुराना व्रत-आख्यान है: माता प्रथम-पूज्य पुत्र से घर का मार्ग साफ करने को कहती है।

व्हाट्सऐपटेलीग्राम

शिव ने देवों को सिखाया कि गणेश बिना कोई कार्य सुंदर नहीं खुलता, तब पार्वती को चतुर्थी व्रत कहा: आसन स्वच्छ, दूर्वा और मिष्ट अर्पण, वाणी निर्दय न हो, गजानन को विघ्नहर्ता स्मरण करें।

सुनकर पार्वती को कार्तिकेय की याद आई, जो अपनी यात्रा पर थे। उसने इक्कीस दिन व्रत बैठा — पुष्प, लड्डू, और सौदा न करने वाला मन। इक्कीसवें दिन स्कंद द्वार पर थे। तभी से चतुर्थी व्रत वह व्रत कहा जाता है जो कर्तव्य ने बिखेरा उसे लौटाता है।

स्थापना पर कथा क्यों

परिवार यह इसलिए पढ़ते हैं कि मिट्टी का अतिथि केवल सजा न रहे। विसर्जन तक बैठने, आरंभ मीठा करने, और झगड़े में काम न खोलने को कहा जाए।

व्हाट्सऐपटेलीग्राम

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या यह मोदक-प्रदक्षिणा कथा है?
नहीं। मोदक कथा माता-पिता की प्रदक्षिणा के ज्ञान की है। यह कथा पार्वती का चतुर्थी व्रत है। दोनों एक पर्व में कही जा सकती हैं।

आज का पंचांग

इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।

पंचांग गणना हो रही है…

संबंधित लेख

चतुर्थी पूजा हेतु भगवान गणेश की मूर्ति
ganeshpuja-vidhi

गणेश चतुर्थी पूजा विधि — घर पर षोडशोपचार पूजा

विनायक चतुर्थी हेतु शांत गृह विधि: मध्याह्न मुहूर्त, षोडशोपचार के चरण, पारंपरिक मंत्र, तथा विसर्जन या उत्थापन।

और पढ़ें
मंदिर में गणेश की मूर्ति
ganeshaarti

गणेश आरती — जय गणेश देवा

प्रतिदिन की पूजा और त्योहारों में गाई जाने वाली प्रिय गणेश आरती, विघ्नहर्ता की स्तुति।

और पढ़ें
ganesh की मूर्ति
ganeshchalisa

गणेश चालीसा

गणेश चालीसा: जय गणपति सद्गुण सदन कविवर बदन कृपाल। विघ्न हरण मंगल करण जय जय गिरिजालाल॥

और पढ़ें
ganesh की मूर्ति
ganeshmantra

गणेश मंत्र

Vakratunda Mahakaya Lyrics: वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

और पढ़ें
मंदिर में गणेश की मूर्ति
ganeshpuja-vidhi

गणेश पूजा विधि — सरल गृह पूजा

घर पर गणेश पूजा करने की चरणबद्ध विधि — नित्य पूजा या गणेश चतुर्थी जैसे विशेष अवसरों के लिए।

और पढ़ें
भगवान गणेश
ganeshstories

गणेश को मोदक प्रिय क्यों — ज्ञान और माधुर्य की कथा

मोदक गणेश का प्रिय भोग कैसे बना — ज्ञान, वात्सल्य और प्रसाद के आनंद से जुड़ी प्रिय कथा।

और पढ़ें
पूजा वेदी का चित्र
ganeshpuja-vidhi

संकष्टी चतुर्थी पूजा विधि — मासिक कृष्ण पक्ष गणेश व्रत

पूर्णिमा के बाद मासिक चतुर्थी: चंद्रोदय पारण, 108 ॐ गं गणपतये नमः, चालीसा और व्रत कथा।

और पढ़ें