मुख्य सामग्री पर जाएँ

shiva · stories

महाशिवरात्रि कथा — विवाह रात्रि और व्याध का जागरण

फाल्गुन चतुर्दशी महा रात्रि क्यों: शिव–पार्वती विवाह, और वह व्याध जिसने अंधेरे में बेलपत्र गिराए।

देव चित्र
चित्र: विकिमीडिया कॉमन्स

इस रात्रि दो स्मृतियाँ हैं — प्रभु का विवाह, और भयभीत व्याध जिसका अनजाना अर्पण जागरण बना। दोनों जागे मन की माँग करते हैं।

व्हाट्सऐपटेलीग्राम

पुराण की एक धारा इस चतुर्दशी को वह रात्रि कहती है जब शिव ने पार्वती को ग्रहण किया — तप पूर्ण, पर्वत-पुत्री प्रभु की निश्चल अर्धांगिनी। घर चार प्रहर ऐसे रखते हैं मानो ऐसा विवाह सजा रहे जो उषा पर समाप्त न हो।

बेलवृक्ष पर व्याध

दूसरी धारा एक व्याध की है जो पशुओं से भागकर छिपे लिंग के ऊपर बेल पर चढ़ा। रात भर पत्र तोड़े जो अर्पण बनकर गिरे; वह भय से जागा, भक्ति से नहीं। उषा पर अनजाना जागरण स्वीकार हुआ। शिक्षा यह नहीं कि असावधानी पूजा है — यह कि रात्रि स्वयं द्वार है, और भयभीत हृदय भी कृपा का माध्यम बन सकता है यदि भागे नहीं।

दोनों कथन साथ कहते हैं: निश्चलता को बल से ब्याहो, और वर्ष में एक रात्रि ऐसी रखो जब जल्दबाजी को बोलने न दो।

व्हाट्सऐपटेलीग्राम

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

घर कौन सी कथा पढ़े?
कोई एक, या दोनों। विवाह कथा दंपती के अनुकूल; व्याध कथा उसके लिए जो थकी रात्रि ही दे सके।

आज का पंचांग

इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।

पंचांग गणना हो रही है…

संबंधित लेख

पूजा वेदी का चित्र
shivapuja-vidhi

महाशिवरात्रि पूजा विधि — रात्रि शिव आराधना

फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी की विधि: चार प्रहर अभिषेक, बेलपत्र, ॐ नमः शिवाय, और शांत जागरण।

और पढ़ें
ऋषिकेश में भगवान शिव की मूर्ति
shivaaarti

शिव आरती — जय शिव ओंकारा

भगवान शिव की स्तुति में क्लासिक आरती, ओंकार स्वरूप त्रिलोकेश्वर की महिमा।

और पढ़ें
shiva की मूर्ति
shivachalisa

शिव चालीसा

Shri Shiv Chalisa | Shri Shiv Chalisa Ke Lyrics Hindi | जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान।

और पढ़ें
shiva की मूर्ति
shivamantra

शिव मंत्र

Shiv Mantra: ॐ नमः शिवाय।, ॐ त्र्यंम्बकम् यजामहे, सुगन्धिपुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्, मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।।

और पढ़ें
पूजा वेदी का चित्र
shivapuja-vidhi

रुद्राभिषेक पूजा विधि — शिवलिंग का अभिषेक

घर पर रुद्राभिषेक कैसे करें: गणेश आरंभ, पंचामृत धारा, बेलपत्र और ॐ नमः शिवाय।

और पढ़ें
देवी पार्वती गणेश और शिव के साथ
parvatiaarti

पार्वती आरती

Parvati Aarti (पार्वती आरती)- जय पार्वती माता ,जय पार्वती माता । ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल की दाता ॥ॐ..॥

और पढ़ें
शिव की मूर्ति
shivabhajan

हे शम्भू बाबा मेरे भोले नाथ — शिव भजन

बेल, चरण-धूल और तीन लोक का सरल शिव कीर्तन — सोमवार, श्रावण और महाशिवरात्रि पर गाया जाता है।

और पढ़ें