hanuman · puja-vidhi
नशा मुक्ति पूजा विधि — आंतरिक बल हेतु शिव और हनुमान
नशे से मुक्ति हेतु सहायक गृह साधना: मंगलवार हनुमान चालीसा, सोमवार शिव जप, और चिकित्सा के संग चलने वाला संकल्प — उसके स्थान पर नहीं।
समय: प्रतिदिन 25–40 मिनट

लालसा से बड़ी चीज़ जब इच्छा को थामती है तब आसक्ति शिथिल होती है। हनुमान साहस देते हैं; शिव मौन। यह विधि उपचार, पारिवारिक सत्य और चिकित्सक के वचन की संगिनी है।
सामग्री
- हनुमान और शिव चित्र
- मंगलवार हेतु सिंदूर; सोमवार हेतु बेलपत्र
- स्वच्छ जल, रोली, अक्षत और फूल
- धूप, घी या तेल दीप, कपूर और घंटी
पूजा के चरण
- 1
संकल्प बोलकर कहें
जो आदत छोड़नी है उसका नाम लें। लज्जा बिना बल माँगें। जो सहायता कर सकते हैं उनसे संघर्ष न छिपाएँ।
- 2
मंगलवार हनुमान
सिंदूर अर्पित करें, हनुमान चालीसा पढ़ें, ॐ हनुमते नमः जपें। जिस वस्तु को छोड़ रहे हैं उस संध्या उससे दूर रहें।
- 3
सोमवार शिव
जल और बेल अर्पित करें। ॐ नमः शिवाय या महामृत्युंजय बैठें। लालसा लहर की तरह आए और आप उसके पीछे न जाएँ।
मंत्र
ॐ हनुमते नमः। ॐ नमः शिवाय।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- क्या पूजा उपचार का विकल्प है?
- नहीं। पूजा मन स्थिर करती है। निकासी और चिकित्सा को योग्य सहायता चाहिए। दोनों अपनाएँ।
आज का पंचांग
इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।
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