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lakshmi · puja-vidhi

नए कार्यालय या दुकान की पूजा विधि — गणेश, लक्ष्मी और कुबेर

नए कार्यस्थल की स्थापना विधि: स्वस्तिक आसन, कलश, गणेश–लक्ष्मी–कुबेर अर्पण, और पहली बही से पूर्व आरती।

समय: 40–60 मिनट

पूजा वेदी का चित्र
चित्र: विकिमीडिया कॉमन्स

नई मेज़ या दुकान एक आरंभ है। परंपरा विघ्नहर्ता, धर्मयुक्त धन की दात्री, और कोष के रक्षक को बुलाती है — फिर कार्य से ईमानदारी माँगती है।

सामग्री

  • गणेश, लक्ष्मी और कुबेर चित्र
  • कलश, नारियल, स्वस्तिक चिह्न, और बही हो तो नई
  • स्वच्छ जल, रोली, अक्षत और फूल
  • धूप, घी या तेल दीप, कपूर और घंटी
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पूजा के चरण

  1. 1

    आसन चिह्नित करें

    भूमि साफ करें। सरल स्वस्तिक बनाएँ, चौकी रखें, गंगाजल छिड़कें। स्वच्छ वस्त्र बिछाएँ।

  2. 2

    कलश और तीन देव

    चौकी के पास कलश रखें। गणेश, लक्ष्मी और कुबेर विराजित करें। गणेश को रोली, अक्षत, दूर्वा, फिर लक्ष्मी-कुबेर को पुष्प और सिक्के अर्पित करें।

  3. 3

    आरती और प्रथम कार्य

    गणेश आरती और लक्ष्मी आरती करें। दक्षिणा रखें। प्रसाद के बाद ही बही पर शुभ लेखा लिखें — फिर बिना जल्दबाजी दिन का काम शुरू करें।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वेदी किस दिशा में हो?
ईशान श्रेष्ठ है। कक्ष मना करे तो बैठते समय पूर्व या उत्तर मुख रखें। कोने की पूर्णता से अधिक व्यापार की ईमानदारी मायने रखती है।

आज का पंचांग

इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।

पंचांग गणना हो रही है…

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