shiva · puja-vidhi
संतान प्राप्ति शिव पूजा — शिव परिवार की आराधना
सोमवार को शिव के संग पार्वती, गणेश और कार्तिकेय की पूजा; प्रदोष स्मरण; तथा यह याद कि चिकित्सकीय सलाह पहले है।
समय: 35–50 मिनट

जब दंपती संतान चाहता है, कई परंपराएँ पूरे शिव परिवार के समक्ष बैठती हैं — केवल वैराग्य-भाव के शिव के नहीं। प्रदोष और कोमल सोमवार व्रत परिचित हैं। श्रद्धा किसी से चिकित्सक छोड़ने को नहीं कहती।
सामग्री
- गणेश सहित शिव–पार्वती चित्र; बेल और दूर्वा
- दूध, मिष्ठान्न और दीप
- स्वच्छ जल, रोली, अक्षत और फूल
- धूप, घी या तेल दीप, कपूर और घंटी
पूजा के चरण
- 1
परिवार पूजें
सोमवार शिव को जल-बेल, पार्वती को पुष्प, गणेश को दूर्वा अर्पित करें। कार्तिकेय को संक्षिप्त नमस्कार स्मरण करें।
- 2
प्रदोष यदि रखते हों
त्रयोदशी संध्या साथ बैठकर संक्षिप्त शिव–पार्वती आरती करें। व्रत रखें तो हल्का रखें।
- 3
दैनिक कोमलता
सुरक्षित हो तो गाय को ग्रास, और एक-दूसरे पर दोषारोपण रहित वाणी — दुर्लभ तीर्थ से अधिक विधि पूरी करती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- क्या रामेश्वरम यात्रा अनिवार्य है?
- तीर्थ सुंदर साझा संकल्प हो सकता है। कृपा की शर्त नहीं। आरंभ हेतु सोमवार गृह पूजा पर्याप्त है।
आज का पंचांग
इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।
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