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सुंदरकाण्ड पाठ विधि — हनुमान के समुद्र-पार की गृह पाठ
वेदी कैसे सजाएँ, मंगलवार या शनिवार कैसे चुनें, हनुमान चालीसा पढ़ें, और शांत संकल्प से घर पर सुंदरकाण्ड का पाठ करें।
समय: 90–150 मिनट

सुंदरकाण्ड रामकथा के समुद्र-पार का हृदय है। भय, विलंब या भारीपन हो तो भक्त इसका आश्रय लेते हैं। कोई भी दिन उचित है; मंगलवार-शनिवार और ब्रह्म मुहूर्त विशेष प्रिय हैं।
सामग्री
- हनुमान तथा राम–सीता का चित्र या मूर्ति
- लाल वस्त्र, सिंदूर, चमेली या लाल फूल
- सुंदरकाण्ड पुस्तक या स्पष्ट पाठ की रिकॉर्डिंग
- बूंदी लड्डू या गुड़ प्रसाद
- स्वच्छ जल, रोली, अक्षत और फूल
- धूप, घी या तेल दीप, कपूर और घंटी
पाठ के चरण
- 1
समय चुनें और स्नान करें
घर शांति से जाग सके तो ब्रह्म मुहूर्त चुनें। स्वच्छ वस्त्र पहनें। उस प्रातः वाणी कोमल रखें।
- 2
वेदी सजाएँ
लाल वस्त्र बिछाएँ। हनुमान के साथ राम–सीता रखें। दीप जलाएँ, सिंदूर और पुष्प अर्पित करें, पुस्तक और स्वयं पर थोड़ा जल छिड़कें।
- 3
संकल्प और आरंभिक जप
क्रोध रहित साहस और बाधाओं के शिथिल होने की प्रार्थना करें। ॐ श्री हनुमते नमः जपें, फिर एक बार हनुमान चालीसा पढ़ें।
- 4
सुंदरकाण्ड पढ़ें
काण्ड को स्थिर गति से पढ़ें, छंदों में जल्दबाजी न करें। कई पाठक हों तो एक स्वर अग्रणी रहे। अधूरा छंद न छोड़ें; जो बैठक शुरू की, उसे पूरा करें।
- 5
आरती और प्रसाद
हनुमान आरती करें, कपूर अर्पित करें, प्रणाम करें, और लड्डू या गुड़ बाँटें। वेदी छोड़ने से पहले एक क्षण मौन बैठें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- क्या सुंदरकाण्ड कई दिनों में बाँटकर पढ़ें?
- एक बैठक पारंपरिक है। स्वास्थ्य या समय बाधित हो तो प्रतिदिन एक स्पष्ट खंड पूरा करें और लंबा अंतराल दिए बिना काण्ड समाप्त करें।
आज का पंचांग
इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।
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